लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (LKO)—जहाँ भारत के सभी महानगरों से सर्वाधिक उड़ानें और किफायती किराए उपलब्ध रहते हैं—पर आगमन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह ५-दिवसीय यात्रा सबसे कुशल व सीधी तीर्थ यात्रा मानी जाती है। बार-बार एक ही मार्ग पर लौटने (बैकट्रैकिंग) की थकावट से मुक्त, यह रैखिक यात्रा सीधे लखनऊ से अयोध्या (१३५ किमी), वहाँ से दक्षिण की ओर प्रयागराज (१६५ किमी) और पूर्व की ओर ६-लेन एक्सप्रेसवे से वाराणसी (१२५ किमी) पहुँचती है, जिसका समापन वाराणसी हवाई अड्डे (VNS) से होता है। भारत टूरिज्म का +२०% प्रीमियम मानक आपको तीनों पावन नगरों में लिफ्ट (एलिवेटर) की गारंटीड सुविधा युक्त ४-सितारा होटल, स्वच्छ वेस्टर्न टॉयलेट, पुशबैक कैप्टन सीटों वाली टोयोटा इनोवा क्रिस्टा अथवा अर्टिगा ZXi वाहन, मंदिर कपाट बंद रहने के दौरान ३ घंटे की अनिवार्य मध्याह्न विश्राम अवधि (दोपहर १ से ४ बजे), लाइफ जैकेट युक्त पूर्व-परीक्षित निजी मोटरबोट और २४/७ समर्पित व्यक्तिगत यात्रा प्रबंधक (पर्सनल ट्रिप मैनेजर) प्रदान करता है।
प्रवेश द्वार विवरण
लखनऊ आगमन ५-दिवसीय यात्रा मुख्य बिंदु
लखनऊ एयरपोर्ट से प्रारंभ होकर वाराणसी में संपन्न होने वाली सीधी रैखिक तीर्थ यात्रा।- कुल अवधि
- ५ दिन / ४ रात १ रात अयोध्या, १ रात प्रयागराज, २ रात वाराणसी
- रैखिक परिपथ
- लखनऊ → अयोध्या → प्रयाग → काशी लगभग ४२५ किमी सीधी यात्रा (शून्य बैकट्रैकिंग)
- मध्याह्न विश्राम
- दोपहर १:०० से ४:०० (३ घंटे) दोपहर में गर्भगृह कपाट बंद रहने पर होटल विश्राम
- वाहन श्रेणी
- टोयोटा इनोवा क्रिस्टा / अर्टिगा ZXi+ संपूर्ण यात्रा में समर्पित वातानुकूलित वाहन
- आवास मानक
- चयनित ४-सितारा / होटल लिफ्ट की गारंटी एवं आधुनिक वेस्टर्न टॉयलेट
- मार्गदर्शन सेवा
- २४/७ समर्पित यात्रा प्रबंधक गेट ४ एस्कॉर्ट, संगम बोट एवं डॉक्टर ऑन कॉल
पारदर्शी संपूर्ण-परिवार पैकेज शुल्क (+२०% प्रीमियम स्तर)
हम प्रति-व्यक्ति भ्रामक दरों के स्थान पर शत-प्रतिशत पारदर्शी संपूर्ण-परिवार शुल्क प्रणाली पर कार्य करते हैं। दी गई दर में आपके संपूर्ण परिवार के लिए तीनों नगरों में ४-सितारा होटल कमरे, दैनिक बुफे नाश्ता, सभी टोल टैक्स, पार्किंग शुल्क, अनुभवी चालक, पूर्व-परीक्षित निजी मोटरबोट और २४/७ व्यक्तिगत ऑन-ग्राउंड मार्गदर्शन सम्मिलित है।
पारदर्शी संपूर्ण-परिवार शुल्क
५-दिवसीय लखनऊ प्रवेश द्वार दर तालिका
समस्त परिवार हेतु पूर्ण पैकेज शुल्क। इसमें होटल, निजी एसी वाहन एवं ऑन-ग्राउंड केयर शामिल है।दंपति पैकेज (२ श्रद्धालु)
२ वयस्क (१ कमरा, सेडान/अर्टिगा)परिवार पैकेज (४ श्रद्धालु)
४ वयस्क (२ कमरे, अर्टिगा/क्रिस्टा)संयुक्त परिवार (६ श्रद्धालु)
६ वयस्क (३ कमरे, इनोवा क्रिस्टा)ग्रुप यात्रा (१२ श्रद्धालु)
१२ वयस्क (६ कमरे, लग्जरी टेम्पो)शुल्क में नाश्ते सहित ४-सितारा होटल, निजी एसी वाहन, टोल टैक्स, पार्किंग, काशी व प्रयागराज में निजी मोटरबोट, कॉरिडोर एस्कॉर्ट एवं डॉक्टर ऑन कॉल सम्मिलित है। व्यक्तिगत दान-दक्षिणा व हवाई टिकट शामिल नहीं है।
मार्ग दक्षता की तुलना
राउंड-ट्रिप टूर बनाम लखनऊ रैखिक +२०% मानक
| Option | सामान्य राउंड-ट्रिप टूर | लखनऊ रैखिक परिपथ (+२०%) |
|---|---|---|
| राजमार्ग यात्रा दूरी | शुरुआती शहर लौटने हेतु ६५०+ किमी की थकाऊ बैकट्रैकिंग | शून्य बैकट्रैकिंग के साथ केवल ४२५ किमी सीधी यात्रा |
| होटल आवास | सीढ़ियों वाले अनवेरिफाइड लॉज व भारतीय टॉयलेट | लिफ्ट युक्त ४-सितारा होटल एवं आधुनिक वेस्टर्न कमोड |
| दोपहर का विश्राम | टाइट शेड्यूल के कारण भीषण धूप में यात्रा की विवशता | दोपहर १ से ४ बजे तक होटल में वातानुकूलित मध्याह्न विश्राम |
| वाहन व सीटिंग | शेयरिंग कैब अथवा पुरानी सामान्य गाड़ियां | टोयोटा इनोवा क्रिस्टा / अर्टिगा ZXi+ (पुशबैक कैप्टन सीटें) |
| मंदिर परिसर में मदद | चालक केवल गाड़ी चलाता है; कतार में कोई मदद नहीं | काशी विश्वनाथ गेट ४, संगम बोट व राम जन्मभूमि पर समर्पित साथी |
हमारा रैखिक रूट २२५+ किमी की व्यर्थ राजमार्ग ड्राइविंग घटाकर परिजनों को प्रार्थना और शांत विश्राम का अतिरिक्त समय देता है।
यात्री तैयारी
लखनऊ आगमन यात्री चेकलिस्ट
- Doलखनऊ हेतु सुबह की फ्लाइट बुक करें (पूर्वाह्न ११:०० से पूर्व आगमन)
इससे २.५ घंटे की एक्सप्रेसवे ड्राइविंग के बाद दिन के उजाले में अयोध्या चेक-इन और सायं सरयू आरती संभव हो सकेगी।
- Avoidसीढ़ियों या असुविधाजनक टॉयलेट की चिंता छोड़ें
हमारे सभी अनुबंधित होटलों में सुचारू लिफ्ट और आधुनिक वेस्टर्न कमोड की पूर्ण गारंटी रहती है।
- Checkवापसी की फ्लाइट वाराणसी एयरपोर्ट (VNS) से बुक करें
इससे आपकी यात्रा स्वाभाविक रूप से काशी में संपन्न होगी और लखनऊ लौटने का ६ घंटे का सफर नहीं करना पड़ेगा।
५-दिवसीय लखनऊ प्रवेश द्वार यात्रा बुक करें (यात्रा प्रबंधक सहायता सहित)
५-दिवसीय विस्तृत दैनिक रैखिक यात्रा कार्यक्रम
पहला दिन: लखनऊ एयरपोर्ट स्वागत, राष्ट्रीय राजमार्ग २७ से अयोध्या प्रस्थान व सरयू आरती
लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (LKO) अथवा चारबाग रेलवे स्टेशन पर आगमन पर आपका समर्पित व्यक्तिगत यात्रा प्रबंधक और चालक व्यक्तिगत नेमप्लेट के साथ आपका स्वागत करते हैं। सामान को संभालते हुए निजी वातानुकूलित वाहन से सीधे ४-लेन राष्ट्रीय राजमार्ग २७ टोल एक्सप्रेसवे द्वारा मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या धाम (१३५ किमी, लगभग २.५ घंटे) के लिए प्रस्थान।
अयोध्या पहुँचकर राम पथ के निकट चयनित ४-सितारा होटल में चेक-इन, जहाँ लिफ्ट और आधुनिक वेस्टर्न टॉयलेट उपलब्ध हैं। स्वादिष्ट अवधी भोजन के उपरांत अल्प विश्राम। सायं ५:३० बजे नया घाट / राम की पैड़ी पर आरक्षित बैठक व्यवस्था के साथ भव्य सरयू आरती का आनंद लें। रात्रि विश्राम अयोध्या।
दूसरा दिन: राम जन्मभूमि दर्शन, हनुमान गढ़ी एवं राष्ट्रीय राजमार्ग ३३० से प्रयागराज प्रस्थान
प्रातः ६:३० बजे अयोध्या के अधिष्ठाता श्री हनुमान गढ़ी के दर्शन। सुबह की शांति में ७६ सीढ़ियों पर सहज गति से दर्शन संपन्न करें। इसके उपरांत टेढ़ी बाज़ार से इलेक्ट्रिक शटल द्वारा सुग्रीव किला स्थित तीर्थ सुविधा केंद्र (PFC) पहुँचें। फोन व वस्तुएं लॉकर में जमा करने के बाद वरिष्ठ नागरिकों की प्राथमिकता कतार से भव्य राम मंदिर में प्रवेश कराया जाएगा। गर्भगृह में प्रभु श्री राम लला के विग्रह का विशेष दर्शन करें। कनक भवन और दशरथ महल के दर्शन।
होटल लौटकर नाश्ता व ११:०० बजे तक चेक-आउट। ४-लेन राष्ट्रीय राजमार्ग ३३० से प्रतापगढ़ होते हुए तीर्थराज प्रयागराज (१६५ किमी, लगभग ३.५ घंटे) के लिए प्रस्थान। सिविल लाइंस स्थित ४-सितारा होटल में चेक-इन और दोपहर १ से ४ बजे तक ३ घंटे का वातानुकूलित मध्याह्न विश्राम। सायं काल में माँ अलोपी देवी शक्तिपीठ के दर्शन एवं सिविल लाइंस का भ्रमण। रात्रि विश्राम प्रयागराज।
तीसरा दिन: त्रिवेणी संगम पवित्र स्नान, लेटे हनुमान जी एवं राष्ट्रीय राजमार्ग १९ से काशी
प्रातः ७:०० बजे नाश्ते के उपरांत किला घाट की ओर प्रस्थान, जहाँ पूर्व-परीक्षित निजी मोटरबोट आपका इंतजार कर रही होगी। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन त्रिवेणी संगम की ओर प्रस्थान।
संगम के पवित्र मध्य बिंदु पर सुरक्षित स्नान चौकी पर लाइफ जैकेट की सुरक्षा में स्नान संपन्न करें। वैदिक तीर्थ पुरोहितों के सान्निध्य में गोत्र-प्रवर संकल्प अथवा वेणी दान अनुष्ठान कराएं। इसके पश्चात भूगर्भ में स्थित पौराणिक बड़े हनुमान जी (लेटे हनुमान मंदिर) एवं पातालपुरी अक्षयवट के दर्शन करें। होटल लौटकर १२:३० बजे तक चेक-आउट, भोजन और ६-लेन एक्सप्रेसवे (NH19) से देवाधिदेव महादेव की नगरी काशी (१२५ किमी, लगभग २.५ घंटे) प्रस्थान। कैंटोनमेंट स्थित ४-सितारा होटल में चेक-इन। सायं ४:३० बजे दशाश्वमेध घाट पर निजी नौका से भव्य गंगा आरती का दिव्य दर्शन करें। रात्रि विश्राम वाराणसी।
चौथा दिन: काशी विश्वनाथ गेट ४ सुगम दर्शन, अन्नपूर्णा, विश्राम एवं सारनाथ
प्रातः ६:३० बजे श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के गेट नंबर ४ (छत्रपति शिवाजी गिरि द्वार) प्रस्थान। यह गेट सीढ़ियों से रहित, व्हीलचेयर रैंप और बैटरी चालित गोल्फ कार्ट से युक्त है। सुगम दर्शन व्यवस्था के माध्यम से स्वर्ण ज्योतिर्लिंग के शांत दर्शन संपन्न करें। इसके उपरांत माता अन्नपूर्णा एवं माँ विशालाक्षी शक्तिपीठ के दर्शन।
दोपहर १२:३० बजे होटल वापसी, भोजन और दोपहर १ से ४ बजे तक ३ घंटे का वातानुकूलित मध्याह्न विश्राम। अपराह्न ४:०० बजे शांत बौद्ध तीर्थ स्थल सारनाथ का भ्रमण, जहाँ धमेख स्तूप एवं संग्रहालय (शुक्रवार बंद) के दर्शन करें। वापसी में काल भैरव जी के दर्शन। रात्रि विश्राम वाराणसी।
पांचवां दिन: प्रातः गंगा नौका विहार, संकट मोचन एवं वाराणसी एयरपोर्ट से विदाई
प्रातः ५:३० बजे अस्सी घाट से मणिकर्णिका घाट तक नौका द्वारा सूर्योदय भ्रमण, जिसमें सुबह के पावन गंगा स्नान और वैदिक मंत्रोच्चार का दर्शन होता है। होटल लौटकर नाश्ता। प्रातः ९:३० बजे श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर एवं दुर्गा कुंड मंदिर के दर्शन।
होटल लौटकर ११:३० बजे तक चेक-आउट। चालक आपको सुरक्षित समय सीमा के साथ वाराणसी लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (VNS) अथवा रेलवे स्टेशन (BSB) छोड़ेंगे। पवित्र तीर्थ प्रसाद व अविस्मरणीय संस्मरणों के साथ यात्रा संपन्न।
FAQ
वाराणसी से राउंड-ट्रिप करने की तुलना में लखनऊ से यात्रा शुरू करना क्यों बेहतर है?
लखनऊ से यात्रा शुरू करने पर एक सीधी, बिना बैकट्रैकिंग वाली यात्रा (लखनऊ → अयोध्या → प्रयागराज → वाराणसी) बनती है। इससे लगभग २२५ किमी की व्यर्थ ड्राइविंग बचती है और परिजनों को दर्शन व विश्राम के लिए पर्याप्त समय मिलता है।
पहले दिन लखनऊ एयरपोर्ट पर हमारी फ्लाइट किस समय लैंड होनी चाहिए?
हम अनुशंसा करते हैं कि आपकी फ्लाइट सुबह ८:०० से पूर्वाह्न ११:३० बजे के बीच लखनऊ एयरपोर्ट (LKO) उतरे। इससे दिन के उजाले में अयोध्या पहुँचना, होटल चेक-इन और सायं सरयू आरती में सम्मिलित होना सुगम रहता है।
क्या सभी राजमार्ग टोल टैक्स व परमिट पैकेज में शामिल हैं?
हाँ। हमारे संपूर्ण-परिवार शुल्क में सभी राष्ट्रीय राजमार्ग टोल टैक्स (NH27, NH330, NH19), राज्य व्यावसायिक वाहन परमिट, पार्किंग, ईंधन और चालक भत्ता पूरी तरह सम्मिलित है।
तीनों शहरों में होटलों का चयन किस प्रकार किया गया है?
हम तीनों नगरों के मुख्य सुरक्षित क्षेत्रों—अयोध्या में राम पथ के निकट, प्रयागराज में सिविल लाइंस और वाराणसी में कैंटोनमेंट—में स्थित प्रमाणित ४-सितारा होटलों का चयन करते हैं, जिनमें चालू लिफ्ट और आधुनिक वेस्टर्न कमोड उपलब्ध रहते हैं।
क्या यात्रा के अंत में वाराणसी के स्थान पर लखनऊ छोड़ा जा सकता है?
यद्यपि वाराणसी से वापसी स्वाभाविक व श्रेष्ठ विकल्प है, परंतु यदि आपका वापसी टिकट लखनऊ से है, तो अतिरिक्त वाहन माइलेज समायोजन के साथ लखनऊ ड्रॉप की व्यवस्था की जा सकती है।